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I - Doji એક Single Candlestick Pattern છે જે Marcket માટે ખુબ જ મહત્વની હોય છે
II - Dogi નાતો Bullish Trend ને Conform કરે છે નાતો Bearish Trend ને Conform કરે છે But એક Speed Brecker ની જેમ સાચવી ને આગળ વધવાનો મેસેજ આપે છે
III - Spinning Top Candle મા Body નાની હોય છે Upper Shadows અને Lower Shadows Big હોય છે.
IV - તે Marcket મા Indecision ને દર્શાવે છે. Marcket મા Next શું થશે એ Dogi Candle સ્પષ્ટ નથી કઈ શકતુ.
Four Prise Doji
V - Four Prise Doji આ Types ની Dogi Candle મા Open Close High Low બધું Same હોય છે તે Marcket મા Indecision બતાવે છે
VI - Doji મા એક્દમ ના બરાબર Body હોય છે Upper Shadows અને Lower Shadows ખુબ જ લાંબી હોય છે.
VII - Doggie Candle મા Opening Prise અને Closing Prise લગભગ Same હોય છે.
Opening Prise = Closing Prise
VIII - Doggie Candle બન્યા પછી Marcket મા થોડું Correction આવી શકે છે. અને થોડા સમય માટે Marcket Side Way માં પણ જઈ શકે છે.
IX - Doji બન્યા પછી કોઈ Trend બનવા નો Wait કરો.
1: सदैव सन्दहे करने वाले व्यक्ति के लिए प्रसन्नता न इस लोक में है न ही कही और ।
2: फल की अभिलाषा छोड़कर कर्म करने वाला पुरुष ही अपने जीवनको सफल बनाता है ।
3: अपने अनिवार्य कार्य करो, क्योंकि वास्तव में कार्य करना निष्क्रियता से बेहतर है ।
4: कर्म मुझे बांधता नहीं, क्यूंकि मुझे कर्म के प्रतिफल की कोई इच्छा नहीं ।
5: मनुष्य अपने विश्वास से निर्मित होता है। जैसा वह विश्वास करता है वैसा वह बन जाता है ।
6: व्यक्ति जो चाहे बन सकता है यदि वह विश्वास के साथ इच्छित वस्तु पर चिंतन करें ।
7: जो मन को नियंत्रित नहीं करते उनके लिए वह शत्रु के सामान कार्य करता है ।
8: आज जो कुछ आपका है, पहले किसी और का था और भविष्य में किसी और का हो जाएगा, परिवर्तन ही संसार का नियम है ।
9: जीवन ना तो भविष्य में है और ना ही अतीत में है, जीवन तो केवल इस पल में है अर्थात इस पल का अनुभव ही जीवन है ।
10: इतिहास कहता है कि कल सुख था, विज्ञान कहता है कि कल सुख होगा, लेकिन धर्म कहता है.. कि अगर मन सच्चा और दिल अच्छा हो तो हर रोज सुख होगा ।
11: मेरा-तेरा, छोटा-बड़ा, अपना-पराया, मन से मिटा दो फिर सब तुम्हारा है तुम सबके हो ।
12: जब वे अपने कार्य में आनंद खोज लेते हैं तब वे पूर्णता प्राप्त करते हैं ।
13: मेरे लिए ना कोई घृणित है ना प्रिय, किंतु जो व्यक्ति भक्ति के साथ मेरी पूजा करते हैं, वह मेरे साथ हैं और मैं भी उनके साथ ।
14: जो हुआ वह अच्छे के लिए हुआ है, जो हो रहा है वह भी अच्छे के लिए ही हो रहा है, और जो होगा वह भी अच्छे के लिए ही होगा।
15: तुम उसके लिए शोक करते हो जो शोक करने के योग्य नहीं है, और फिर भी ज्ञान की बात करते हो, बुद्धिमान व्यक्ति ना जीवित और ना ही मृत व्यक्ति के लिए शोक करते हैं ।
16: वह जो सभी इच्छाएं त्याग देता है और 'मैं' और 'मेरा' की लालसा और भावना से मुक्त हो जाता है उसे शांति प्राप्त होती है ।
17: नरक के तीन द्वार हैं - वासना, क्रोध और लालच ।
18: केवल मन ही किसी का मित्र और शत्रु होता है ।
